नगर निगम वाराणसी द्वारा 19 जनवरी 2026 को कब्जा मुक्त कराई गई मलदहिया स्थित किसान फूल मंडी में अब किसानों से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जा रहा है। इसी बीच 12 फरवरी को एक किसान ने फोन के माध्यम से शिकायत की कि मंडी के पूर्व संचालक विशाल दुबे गेट पर खड़े होकर अवैध वसूली कर रहे हैं।सूचना मिलते ही नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची, जहां टीम के साथ दुर्व्यवहार और धक्का-मुक्की की गई। इस मामले में नगर निगम के नायब तहसीलदार शेषनाथ की तहरीर पर सिगरा थाना पुलिस ने विशाल दुबे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।थाना प्रभारी संजय मिश्रा ने बताया कि सरकारी कार्य में बाधा डालने और जबरदस्ती करने के मामले में बीएनएस की धारा 221, 352 और 115 (2) के तहत मुकदमा पंजीकृत कर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
नगर निगम के नायब तहसीलदार शेषनाथ ने बताया कि मकान संख्या 21/112-के स्थित किसान फूल मंडी को अवैध वसूली की शिकायतों के बाद 19 जनवरी 2026 को कब्जा मुक्त कराया गया था। उस दौरान संचालक विशाल दुबे ने हंगामा करते हुए स्वयं पर तेल छिड़ककर आग लगाने की कोशिश भी की थी। उस प्रकरण में भी पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था और इसके बाद मंडी का संचालन नगर निगम द्वारा किया जा रहा है।उन्होंने बताया कि 12 फरवरी को दोबारा सूचना मिली कि विशाल दुबे अपने साथियों के साथ गेट पर खड़े होकर वसूली कर रहे हैं। इस पर अपर नगर आयुक्त ने तत्काल सिगरा थाना प्रभारी को सूचना दी। थाने से पहुंचे सिपाहियों ने शिकायतकर्ता से बातचीत की, जिसमें अवैध वसूली की पुष्टि हुई।नायब तहसीलदार के अनुसार, उसी दिन रात 7 बजे के बाद नगर निगम प्रवर्तन दल और अपर नगर आयुक्त के साथ मंडी में छापेमारी की गई। इस दौरान विशाल दुबे और उनके साथी गेट पर वसूली करते पाए गए। टीम द्वारा हटने को कहने पर आरोपियों ने गाली-गलौज और धक्का-मुक्की शुरू कर दी, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया।फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

.jpeg)