जिला योजना 2025-26 के अंतर्गत “काशी स्वच्छता मिशन” के तहत पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण विषयक एक महत्वपूर्ण पर्यावरण जन जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम वाराणसी जिलाधिकारी के निर्देशन में संपन्न हुआ, जिसका उद्देश्य आमजन में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण हेतु समाज की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करना रहा।
गोष्ठी में वायु, जल एवं ध्वनि प्रदूषण से होने वाले दुष्प्रभावों पर विस्तृत चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि प्रदूषण की समस्या निरंतर गंभीर होती जा रही है, जिससे मानव स्वास्थ्य और प्राकृतिक संसाधनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इस अवसर पर लोगों से अपील की गई कि वे अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे प्रयास—जैसे प्लास्टिक का सीमित उपयोग, जल संरक्षण, अधिकाधिक वृक्षारोपण और स्वच्छता—को अपनाकर प्रदूषण कम करने में योगदान दें।कार्यक्रम के संयोजक अनिल कुमार सिंह, पर्यावरणविद एवं अध्यक्ष, सृजन सामाजिक विकास न्यास ने कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। उन्होंने समाज के प्रत्येक वर्ग से पर्यावरण संरक्षण को अपनी जिम्मेदारी के रूप में स्वीकार करने का आह्वान किया।इस गोष्ठी का आयोजन उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय, वाराणसी द्वारा किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों तथा आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी रही।

