वाराणसी में शनिवार को गंगा पार रेती क्षेत्र में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब घोड़ा-ऊंट चलाने वाले युवकों और नाविकों के बीच विवाद हिंसक हो गया। मामला दशाश्वमेध घाट के सामने गंगा रेती का बताया जा रहा है, जहां दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले। घटना के बाद आक्रोशित नाविकों ने विरोध स्वरूप नाव संचालन बंद कर दिया और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गंगा रेती पर कुछ घोड़ा-ऊंट संचालक एक पर्यटक से अधिक पैसे की मांग कर रहे थे। इसी दौरान एक नाविक ने हस्तक्षेप करते हुए कथित तौर पर पर्यटक से ज्यादा वसूली का विरोध किया। आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर युवकों ने नाविक के साथ मारपीट शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए।घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें 5 से 10 युवक हाथों में डंडे लेकर दौड़ते दिखाई दे रहे हैं।
वीडियो में गंगा रेती पर भगदड़ जैसी स्थिति नजर आ रही है। स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन तब तक कई लोग घायल हो चुके थे।मारपीट में 3 से 4 नाविकों के घायल होने की सूचना है। घायलों को उपचार के लिए मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा भेजा गया, जहां चिकित्सकों के अनुसार कुछ लोगों को गंभीर चोटें आई हैं। हालांकि सभी की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।गंगा उस पार नाविक समाज के अध्यक्ष प्रमोद माझी मौके पर मौजूद हैं और नाविक समुदाय धरना-प्रदर्शन कर रहा है। नाविकों ने घटना के विरोध में नाव संचालन बंद कर दिया, जिससे घाट पर आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को असुविधा का सामना करना पड़ा।नाविकों का आरोप है कि घोड़ा-ऊंट संचालकों की मनमानी और पर्यटकों से ज्यादा वसूली को लेकर वे पहले भी कई बार पुलिस से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि प्रशासन की अनदेखी के कारण आए दिन विवाद की स्थिति बनती रहती है।फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। क्षेत्र में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

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