उत्तर प्रदेश में आगामी एसआईआर-2026 को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने आज महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मतदाता सूची के अद्यतन और सटीक किए जाने के लिए आवश्यक प्रक्रियाएं निरंतर जारी हैं तथा विस्तार से जानकारी साझा की।उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में एसआईआर-2026 प्रक्रिया 27 अक्टूबर को घोषित की गई थी, जिसके पश्चात 4 नवंबर से मतदाता सूची का संवितरण शुरू हुआ। इसके बाद 6 जनवरी 2026 को ड्राफ़्ट सूची प्रकाशित की गई, जो हर वर्ष आगामी चुनावों के आधार पर प्रकाशित की जाती है ताकि मतदाता सूची में शामिल नामों की समीक्षा की जा सके।मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि ड्राफ़्ट सूची प्रकाशित होने के बाद मतदाता अपने नाम में हो सकने वाली त्रुटियों पर दावा और आपत्ति कर सकते हैं। इस हेतु फॉर्म-7 का उपयोग आपत्ति दर्ज कराने के लिए किया जाता है और फॉर्म-8 का उपयोग नाम सुधार (करेक्शन) के लिए किया जाता है। प्रारंभ में दावा और आपत्ति के लिए 6 जनवरी से 6 फरवरी तक का समय निर्धारित किया गया था।
उन्होंने आगे बताया कि सर्वेक्षण के दौरान यह पाया गया कि अभी भी प्रदेश में कई लोग मतदाता सूची से वंचित हैं। इस कारण से दावा-आपत्ति की समयसीमा को एक महीने और बढ़ाकर 6 जनवरी से 6 मार्च तक कर दिया गया है, जिससे अधिक से अधिक मतदाता सूची में नाम शामिल कराए जा सकें।मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने यह भी बताया कि एक करोड़ 4 लाख से अधिक मतदाताओं को नोटिस भेजा जा रहा है और अब तक 86 लाख से अधिक मामलों में सुनवाई पूरी की जा चुकी है।उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रक्रिया के पूर्ण होने के पश्चात अप्रैल में फाइनल मतदाता सूची जारी की जाएगी। साम्प्रतिक वक्तव्य में उन्होंने कहा कि 10 अप्रैल को अंतिम वोटर लिस्ट प्रकाशित की जाएगी।नवदीप रिणवा ने यह भी बताया कि 29 अक्टूबर से 27 जनवरी तक प्रदेशस्तरीय 5 बैठकें सफलतापूर्वक आयोजित की गईं, जिनमें सभी निर्वाचन अधिकारियों और संबंधित अधिकारियों ने मतदाता सूची के संवर्द्धन के संबंध में विस्तृत समीक्षा की।मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित समय के दौरान अपना दावा-आपत्ति तथा सुधार संबंधी आवेदन अवश्य कराएं ताकि सभी को मतदाता सूची में सम्मिलित किया जा सके और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

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