बुधवार देर शाम रमजान का चांद नजर आते ही लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोगों ने पटाखे जलाकर चांद का इस्तकबाल किया। पूरे इलाके में मुबारकबाद देने का सिलसिला देर रात तक चलता रहा।इस अवसर पर वाराणसी डर्बी शायर क्लब के अध्यक्ष शकील अहमद जादूगर ने बताया कि रमजान शरीफ का महीना इबादत, सब्र और रहमत का महीना होता है। मुस्लिम मान्यता के अनुसार इस पाक महीने में जन्नत के दरवाजे खोल दिए जाते हैं और जहन्नम के दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि इस महीने में मुस्लिम भाई-बहन सुबह भोर में सेहरी करते हैं और सूरज ढलने पर रोजा इफ्तार के साथ खोलते हैं।शकील अहमद ने बताया कि रमजान की चार महत्वपूर्ण बातें हैं जिसमें रोजा रखना, कुरान की तिलावत, सदका और खैरात और तरावीह की नमाज। उन्होंने कहा कि रमजान भाईचारे, त्याग और इंसानियत का पैगाम देता है। इस मौके पर क्षेत्र के बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और एक-दूसरे को रमजान की मुबारकबाद दी।

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