रमजान माह के पवित्र अवसर पर काशी में रोज़े का पहला इफ्तार स्वर्गीय महरूम जावेद खां बाबा की याद में आयोजित किया गया। पिपलानी कटरा स्थित बाबू मियां कब्रिस्तान परिसर में रमजान के तीसरे दिन मग़रिब की अज़ान के बाद रोज़ेदारों ने खजूर खाकर रोज़ा इफ्तार किया। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और इबादत के साथ अमन-चैन की दुआ की गई।
रमजान इस्लाम धर्म का सबसे पवित्र महीना माना जाता है। यह हिजरी कैलेंडर का नौवां महीना होता है, जिसमें मुसलमान सूर्योदय से सूर्यास्त तक रोज़ा रखते हैं। रोज़ा केवल भूख-प्यास का त्याग नहीं, बल्कि आत्मिक शुद्धि, संयम और अल्लाह की इबादत का प्रतीक है। सामूहिक इफ्तार और नमाज़ से सामाजिक एकता को बढ़ावा मिलता है।इफ्तार के बाद मग़रिब की नमाज़ जुनैद हाफिज ने अदा कराई। चार दिवसीय तरावीह की समाप्ति पर उपस्थित लोगों को गुलपोशी कर सम्मानित किया गया।इस अवसर पर बेलाल खान, सानू खान, अल्लाहरखा खान, शम्स खान, युसुफ खान सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

