मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी पर्व-त्योहारों, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा और अन्य महत्वपूर्ण आयोजनों को देखते हुए कानून-व्यवस्था तथा प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सतर्कता और समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न होने चाहिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि 13 मार्च को अलविदा की नमाज, 14 और 15 मार्च को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा सब-इंस्पेक्टर एवं समकक्ष पदों की लिखित परीक्षा, 19 मार्च से चैत्र नवरात्र तथा 20-21 मार्च को ईद-उल-फितर मनाए जाने की संभावना है। ऐसे में यह अवधि कानून-व्यवस्था की दृष्टि से संवेदनशील है और सभी अधिकारियों को पूरी सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा।उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की नई परंपरा की अनुमति न दी जाए और धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मुख्यमंत्री ने समाज-विरोधी और राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने के निर्देश भी दिए।मुख्यमंत्री ने पुलिस भर्ती परीक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि 14 और 15 मार्च को प्रदेश के 1090 परीक्षा केंद्रों पर चार पालियों में परीक्षा आयोजित होगी, जिसमें 15 लाख 75 हजार से अधिक अभ्यर्थी शामिल होंगे। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के आवागमन को देखते हुए प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कहीं भी जाम या अव्यवस्था की स्थिति न बने।मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा की शुचिता और गोपनीयता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्टेटिक मजिस्ट्रेट की जिम्मेदार तैनाती, इंटेलिजेंस तंत्र की सक्रियता और सोशल मीडिया पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक परीक्षा केंद्र के बाहर पीआरवी-112 की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा।चैत्र नवरात्र की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देवीपाटन मंदिर (बलरामपुर), शाकुम्भ

