शीतला अष्टमी के पावन अवसर पर काशी में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। महिलाओं ने व्रत रखकर देर रात तक माता शीतला को भोग लगाने के लिए तरह-तरह के पकवान तैयार किए। पूड़ी, हलवा, गुलगुला सहित माला-फूल लेकर बड़ी संख्या में महिलाएं दशाश्वमेध घाट स्थित माता शीतला मंदिर पहुंचीं और जयकारों के साथ माता के दर्शन-पूजन किए।भोर होते ही मंदिर के पट खोल दिए गए, जिसके बाद माता के आकर्षक स्वरूप के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने माता को भोग अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि और निरोग जीवन की कामना की।
मंदिर के उपमहंत ने बताया कि शीतला अष्टमी के दिन माता के दर्शन और पूजन से सभी प्रकार के रोगों से मुक्ति मिलती है और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है। उन्होंने कहा कि इस दिन माता की विधि-विधान से पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं।वहीं दर्शन करने पहुंची एक श्रद्धालु महिला ने बताया कि माता शीतला बहुत दयालु हैं और सभी भक्तों पर उनकी कृपा बनी रहती है। इसी आस्था के कारण हर वर्ष यह पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है।

