उत्तर प्रदेश में युवाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार के प्रयास लगातार सफल होते दिख रहे हैं। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना ने एक बार फिर अपनी उपयोगिता साबित की है। हाल ही में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा घोषित RO/ARO परीक्षा परिणाम में इस योजना से जुड़े 10 अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। इनमें 9 पुरुष और 1 महिला अभ्यर्थी शामिल हैं।यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि सही मार्गदर्शन, संसाधन और अवसर मिलने पर प्रतिभा हर बाधा को पार कर सकती है। चयनित अभ्यर्थियों में दिवाकर सिंह (चित्रकूट), दीपेश कुमार खरे (महोबा), विशेष प्रजापति और मोहित कनौजिया (सहारनपुर), प्रदीप राजपूत (महोबा), संजीत कुमार वर्मा (बाराबंकी), मृत्युंजय सिंह (लखनऊ), अविनाश कुमार (पीलीभीत), खुशबू पटेल और धर्मेंद्र (औरैया) शामिल हैं।इनमें सहारनपुर के विशेष प्रजापति की सफलता विशेष रूप से प्रेरणादायक रही। उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में 37वीं रैंक प्राप्त की। उन्होंने बताया कि लगभग 25 महीनों तक अभ्युदय योजना के तहत तैयारी करते हुए उन्हें उच्च गुणवत्ता की निःशुल्क कोचिंग, अनुशासित व शांत वातावरण और बेहतर खानपान की सुविधा मिली।
विशेष प्रजापति के अनुसार, इस योजना ने न केवल उनकी शैक्षणिक तैयारी को मजबूत किया, बल्कि उनका आत्मविश्वास भी बढ़ाया, जिससे वे पूरी एकाग्रता के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ सके। वहीं महोबा के दीपेश कुमार खरे ने बताया कि उन्हें इस योजना की जानकारी एक नोटिफिकेशन के माध्यम से मिली थी। उन्होंने सफलता के लिए धैर्य, निरंतर अभ्यास और गलतियों से सीखने को जरूरी बताया।समाज कल्याण विभाग के उपनिदेशक आनंद कुमार सिंह ने कहा कि योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप विभाग पूरी निष्ठा के साथ कार्य कर रहा है। हर वर्ष इस योजना से जुड़ने वाले अभ्यर्थियों की संख्या बढ़ रही है, जो इसकी लोकप्रियता और प्रभावशीलता को दर्शाता है।उन्होंने बताया कि अभ्युदय योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी छात्रों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी कराई जाती है। अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन, गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री और नियमित कक्षाएं इस योजना को खास बनाती हैं।यह उपलब्धि न केवल सफल अभ्यर्थियों के लिए, बल्कि पूरे प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनकर उभरी है।

