इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हत्या के एक मामले में बस्ती पुलिस की गंभीर लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस अधीक्षक यशवीर सिंह को न्यायालय में चार घंटे तक खड़ा रहने का निर्देश दिया। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई और जिम्मेदारी तय करने की बात कही।सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि जिस अधिकारी के पास जिले का प्रभार होता है, उसे अपने अधीनस्थों—इंस्पेक्टर या सिपाही—द्वारा दी गई जानकारी के प्रति पूरी तरह सतर्क रहना चाहिए। कोर्ट की फटकार के बाद एसपी यशवीर सिंह ने न्यायालय से माफी मांगी।
कोर्ट ने गुरुवार को अपने आदेश में कहा कि एसपी की माफी को स्वीकार करते हुए उनके खिलाफ कोई कठोर आदेश पारित नहीं किया जा रहा है, लेकिन उन्हें निर्देश दिया जाता है कि वे कोर्ट उठने तक न्यायालय में उपस्थित रहें। साथ ही भविष्य में हाईकोर्ट या किसी भी न्यायालय में शपथ-पत्र दाखिल करते समय अधिक सावधानी बरतने को कहा गया।दरअसल, यह मामला एक युवती की हत्या से जुड़ा है, जिसमें बस्ती पुलिस द्वारा कोर्ट में गलत तथ्यों के साथ शपथ-पत्र किया गया था। इतना ही नहीं, समय पर रिपोर्ट भी प्रस्तुत नहीं की गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी वे साक्ष्य सामने नहीं आए, जिन्हें पुलिस ने अपनी जांच में शामिल बताया था।की इस सख्ती को पुलिस प्रशासन के लिए एक स्पष्ट संदेश माना जा रहा है कि न्यायिक प्रक्रियाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

