चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ की बैठक संपन्न, 23 मई को काला दिवस मनाने का ऐलान

अपनी विभिन्न मांगों को लेकर उत्तर प्रदेशीय चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष रामचंद्र गुप्ता ने की, जबकि संचालन जिला मंत्री बृजेश कुमार यादव ने किया।बैठक में कर्मचारियों की लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि कई वर्षों से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती पर रोक लगी हुई है, जिससे विभागों में कार्य प्रभावित हो रहा है। साथ ही आंगनबाड़ी, आशा और मिड-डे मील कर्मचारियों को न्यूनतम 30,000 रुपये मानदेय दिए जाने की मांग भी उठाई गई।

महासंघ ने पुरानी पेंशन योजना को तत्काल बहाल करने की भी जोरदार मांग की। चेतावनी देते हुए कहा गया कि यदि सरकार उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लेती है, तो कर्मचारी आंदोलन को और तेज करेंगे।बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि 23 मई को सभी राज्यों में “काला दिवस” मनाया जाएगा। इसके अलावा दिल्ली के जंतर-मंतर पर विशाल धरना-प्रदर्शन करने की रणनीति भी बनाई गई।इस दौरान उमेश बहादुर सिंह, बृजेश श्रीवास्तव, विजय कुमार श्रीवास्तव, रामदेव यादव, रमाकांत तिवारी, दिनांक यादव समेत बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।जिला अध्यक्ष रामचंद्र गुप्ता ने कहा कि “हमारी मांगें लंबे समय से लंबित हैं। यदि सरकार जल्द समाधान नहीं करती है, तो हम मजबूरन आंदोलन को और व्यापक रूप देंगे।”



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