चितईपुर थाना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि एक ही प्रकरण में तीन-तीन एफआईआर दर्ज होने और गंभीर धाराएं लगने के बावजूद अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, जिससे परिवार दहशत में जीने को मजबूर है।पीड़ित दिनेश यादव, निवासी विश्वकर्मा नगर कॉलोनी (सुसुवाही), के अनुसार 17 मार्च 2026 को न्यायालय के आदेश पर प्रशासन की मौजूदगी में उन्हें आराजी संख्या 402 स्थित भूमि पर कब्जा दिलाया गया था। इसके बाद मौके पर बाउंड्रीवाल निर्माण का कार्य भी शुरू कराया गया।आरोप है कि 18 मार्च को निर्माण कार्य के दौरान विपक्षी पक्ष के कई लोग मौके पर पहुंचे और लाठी-डंडों व पत्थरों से हमला कर दिया। पीड़ित का कहना है कि इस दौरान निर्माणाधीन बाउंड्रीवाल को क्षतिग्रस्त कर दिया गया और मजदूरों के साथ मारपीट की गई। मामले में जानलेवा हमले सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया।
पीड़ित पक्ष ने यह भी आरोप लगाया है कि घटना के दौरान कुछ महिलाओं द्वारा पुलिस टीम के साथ अभद्र व्यवहार और पथराव किया गया, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।बताया जा रहा है कि इस मामले में विपक्षी पक्ष ने उच्च न्यायालय का रुख किया, जहां से उन्हें राहत नहीं मिली। इसके बावजूद पीड़ित का आरोप है कि स्थानीय स्तर पर अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई है।पीड़ित के अनुसार 19 अप्रैल 2026 को प्लॉट पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरे को भी तोड़ दिया गया। फुटेज में एक आरोपी के कैमरा तोड़ते हुए दिखने का दावा किया गया है। इस संबंध में पूछताछ करने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।इसके अलावा, पीड़ित पक्ष ने यह भी आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य के बदले “गुंडा टैक्स” के रूप में भारी रकम की मांग की जा रही है और पैसे न देने पर काम नहीं करने देने की धमकी दी जा रही है।पीड़ित परिवार ने पुलिस के उच्च अधिकारियों से मामले में सख्त कार्रवाई, आरोपियों की गिरफ्तारी और सुरक्षा की मांग की है।

