आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक एमबीए छात्र ने अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए बेहद खतरनाक और गैरकानूनी कदम उठाते हुए किडनी बेच दी। हैरानी की बात यह है कि जहां किडनी का सौदा 9 लाख रुपये में तय हुआ था, वहीं छात्र को मात्र 3.5 लाख रुपये ही दिए गए।
क्या है मामला?
सूत्रों के अनुसार, छात्र एक निजी संस्थान से एमबीए की पढ़ाई कर रहा था और फीस भरने में असमर्थ था। आर्थिक दबाव और भविष्य की चिंता के चलते उसने दलालों के संपर्क में आकर किडनी बेचने का फैसला किया।
धोखाधड़ी का आरोप
बताया जा रहा है कि सौदा 9 लाख रुपये में तय हुआ था, लेकिन ऑपरेशन के बाद छात्र को केवल 3.5 लाख रुपये ही मिले। छात्र ने आरोप लगाया है कि दलालों ने उसे झांसा देकर बाकी रकम नहीं दी।
स्वास्थ्य पर खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की अवैध सर्जरी न सिर्फ कानूनन अपराध है, बल्कि इससे व्यक्ति के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरे भी पैदा हो सकते हैं।
पुलिस जांच शुरू
मामले की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। संबंधित गिरोह और अस्पताल की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
समाज के लिए चेतावनी
यह घटना न सिर्फ शिक्षा व्यवस्था में बढ़ती आर्थिक चुनौतियों को उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि किस तरह जरूरतमंद युवाओं को अवैध गतिविधियों में फंसाया जा रहा है।

