काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के केंद्रीय कार्यालय के बाहर तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। प्रस्तावित कनिष्ठ लिपिक भर्ती परीक्षा को लेकर असंतोष जताते हुए कर्मचारी पिछले 48 घंटे से धरने पर बैठे हैं।कर्मचारियों की मुख्य मांग है कि पहले उनका नियमितीकरण किया जाए, उसके बाद ही नई भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए। उनका कहना है कि वे लंबे समय से विश्वविद्यालय में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन अब तक स्थायी नहीं किया गया, जिससे उनमें असंतोष है।
बताया जा रहा है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने 7 अप्रैल 2026 को 199 कनिष्ठ लिपिक पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है, जिसकी लिखित परीक्षा अप्रैल के अंतिम सप्ताह में प्रस्तावित है। कर्मचारियों का आरोप है कि नियमितीकरण लंबित रहते हुए नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करना उनके साथ अन्याय है।इस दौरान एमएलसी आशुतोष सिन्हा धरना स्थल पर पहुंचे और कर्मचारियों की समस्याएं सुनकर उनकी मांगों को उचित मंच पर उठाने का आश्वासन दिया।कर्मचारियों ने कुलपति को ज्ञापन सौंपते हुए परीक्षा स्थगित करने और नियमितीकरण प्रक्रिया को प्राथमिकता देने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

