बनारसी साड़ी उद्योग पर सूरत की मार, कारोबारियों ने उठाई सख्ती की मांग

देश-विदेश में अपनी खास पहचान रखने वाला बनारसी साड़ी उद्योग इन दिनों गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। स्थानीय कारोबारियों का कहना है कि सूरत में बन रही बनारसी साड़ियों की नकल (डुप्लीकेसी) ने इस पारंपरिक उद्योग पर बड़ा असर डाला है।व्यापारियों के अनुसार, सूरत में मशीनों से तैयार की जा रही साड़ियां कम कीमत पर बाजार में उपलब्ध हैं, जिससे असली बनारसी साड़ियों की मांग लगातार घट रही है। इसका सीधा असर बुनकरों और स्थानीय कारोबारियों की आजीविका पर पड़ रहा है।

कारोबारियों ने साफ कहा है कि उन्हें किसी नए व्यावसायिक केंद्र या दुकान की आवश्यकता नहीं है। उनकी मुख्य मांग है कि बनारसी साड़ियों की नकली उत्पादों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उनका मानना है कि यदि डुप्लीकेसी पर रोक लगाई जाती है, तो उद्योग को फिर से मजबूती मिल सकती है।स्थानीय व्यापार मंडलों ने सरकार से अपील की है कि बनारसी साड़ी के नाम और डिज़ाइन के दुरुपयोग को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। साथ ही, असली उत्पादों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रमाणन व्यवस्था को भी प्रभावी बनाया जाए।बनारसी साड़ी उद्योग से जुड़े हजारों परिवारों की आजीविका इस पर निर्भर है। ऐसे में कारोबारियों का कहना है कि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो यह ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर गंभीर संकट में पड़ सकती है।


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