काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं को लेकर अब आंदोलन तेज हो गया है। विश्वविद्यालय के शिक्षक समूह ने प्रशासन के साथ कई दौर की वार्ता के बाद अपनी मांगों को लेकर “शिक्षक स्वाभिमान लोकतांत्रिक पद यात्रा” निकालने का निर्णय लिया।यह पद यात्रा काशी विश्वनाथ मंदिर से शुरू होकर विश्वविद्यालय के सिंह द्वार तक पहुंची, जिसमें बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हुए। इस दौरान शिक्षकों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए अपनी मांगों को जोरदार तरीके से रखा।शिक्षकों ने विश्वविद्यालय के उप-कुलसचिव पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि प्रशासनिक निर्णयों में दुर्भावना, अनावश्यक देरी, दुर्व्यवहार और हठधर्मिता के कारण उन्हें लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षकों की मांग है कि संबंधित अधिकारी को तत्काल प्रभाव से सेंट्रल रजिस्ट्री से हटाया जाए।
आंदोलन के दौरान शिक्षकों ने कई प्रमुख मांगें रखीं।शिक्षको ने कहा कि शिक्षक पिछले कई वर्षों से प्रशासनिक अक्षमता और उपेक्षा का सामना कर रहे हैं। उनका आरोप है कि कुछ उच्च अधिकारी व्यक्तिगत हितों के लिए अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं, जिससे संस्थान की छवि प्रभावित हो रही है।उन्होंने बताया कि शिक्षक पिछले दो वर्षों से कुलपति के साथ संवाद में हैं, लेकिन कुछ प्रशासनिक अधिकारी इस प्रक्रिया में बाधा डालते हुए शिक्षकों पर दबाव बना रहे हैं और भय का माहौल बना रहे हैं।शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि यह पद यात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण है और इसका उद्देश्य विश्वविद्यालय के हित, शिक्षकों के सम्मान और शैक्षणिक वातावरण को बेहतर बनाना है।

