राज्य के मंत्री धर्मपाल ने गौ संरक्षण के मुद्दे पर एक बयान देते हुए धार्मिक नेताओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले शंकराचार्य ने गाय के विषय में खुलकर आवाज़ क्यों नहीं उठाई। मंत्री के इस बयान ने राजनीतिक और धार्मिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है।धर्मपाल ने आगे कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में गौ संरक्षण को लेकर सख्त कदम उठाए गए हैं, जिसके चलते अब अवैध गतिविधियों में शामिल लोग डर महसूस करते हैं। उन्होंने दावा किया कि “अब कसाई भी कांपता है।”
मंत्री ने गौ, गंगा और गीता को भारतीय संस्कृति की पहचान बताते हुए कहा कि इनकी रक्षा करना सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि देश की परंपराओं और धार्मिक मूल्यों को संरक्षित करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।प्रतिक्रिया:मंत्री के इस बयान पर विभिन्न राजनीतिक दलों और धार्मिक संगठनों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं। कुछ लोग इसे धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप मान रहे हैं, जबकि समर्थक इसे सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में उठाया गया कदम बता रहे हैं।

