मंगलवार की शाम वाराणसी की सर्राफा मार्केट स्थित रेशम कटरा के एक प्रतिष्ठान पर सोने के कारीगरों एवं सर्राफा व्यापारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रधानमंत्री द्वारा एक वर्ष तक सोना न खरीदने के आह्वान पर चिंता व्यक्त की गई। वक्ताओं ने कहा कि इस अपील का असर अब सर्राफा कारोबार और ज्वेलरी निर्माण कार्य से जुड़े कारीगरों पर दिखाई देने लगा है।बैठक में मौजूद व्यापारियों और कारीगरों ने कहा कि यदि लंबे समय तक सोने की खरीद में कमी बनी रही तो छोटे सुनारों, कारीगरों और आभूषण निर्माण इकाइयों पर आर्थिक दबाव बढ़ सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि शादी-विवाह और त्योहारों के मौसम में भी यदि ग्राहक सोना खरीदने से बचते हैं, तो ज्वेलरी निर्माण का काम प्रभावित होगा और हजारों कारीगरों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो सकता है।
वक्ताओं ने सरकार से मांग की कि कारीगरों और छोटे व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए राहत एवं वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार किया जाए। उनका कहना था कि मांग में लगातार गिरावट आने पर छोटे ज्वेलर्स के लिए मजदूरी, वेतन और कारोबार को बनाए रखना कठिन हो जाएगा, जिससे छंटनी जैसी स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।बैठक की अध्यक्षता रवि सर्राफ ने की, जबकि संचालन किशोर कुमार सेठ एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रकाश विष्णु दयाल सेठ ने किया।इस दौरान रवि सर्राफ, ईश्वर दयाल सेठ, किशोर सेठ, कमल कुमार सिंह, विष्णु दयाल सेठ, शुभम सेठ (गोलू), राजेश सेठ (पप्पू), बच्चालाल सेठ, अनिल सेठ, सुभाष सेठ, अजय कसेरा, सूरज सेठ, राजू सेठ और दिनेश कुमार सेठ सहित बड़ी संख्या में कारीगर एवं व्यवसायी उपस्थित रहे।

