पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस को लेकर बड़ा सियासी दावा सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी के एक सांसद ने कहा है कि टीएमसी के 80 में से करीब 50 सांसद और विधायक आने वाले समय में पार्टी छोड़ सकते हैं। इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।भाजपा नेता का आरोप है कि टीएमसी के भीतर असंतोष लगातार बढ़ रहा है और कई जनप्रतिनिधि पार्टी नेतृत्व से नाराज हैं। उनका कहना है कि विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी में गुटबाजी और मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं, जिससे बड़े पैमाने पर दल-बदल की संभावना बन रही है।
हाल के दिनों में टीएमसी की बैठकों और कार्यक्रमों में कुछ नेताओं की गैरमौजूदगी को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हुई हैं। इसे पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान से जोड़कर देखा जा रहा है।वहीं, टीएमसी ने भाजपा के इस दावे को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक बयानबाजी बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि संगठन पूरी तरह एकजुट है और भाजपा भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी माहौल के बाद इस तरह के दावे आम होते हैं, लेकिन वास्तविक स्थिति आने वाले समय में ही स्पष्ट होगी। फिलहाल भाजपा के इस बयान ने पश्चिम बंगाल की सियासत को गर्मा दिया है।


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