अधिक मास एकादशी पर दिखा सांप्रदायिक सौहार्द, मुस्लिम समुदाय ने टाली कुर्बानी

महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के पंढरपुर में सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल देखने को मिली है। बकरीद और अधिक मास एकादशी एक ही दिन पड़ने के चलते मुस्लिम समुदाय ने हिंदू श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए बकरे की कुर्बानी टालने का निर्णय लिया।

अधिक मास एकादशी, जो तीन साल में एक बार आती है, इस दिन भगवान विट्ठल के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंढरपुर पहुंचते हैं। ऐसे में स्थानीय मुस्लिम समाज ने सर्वसम्मति से फैसला लिया कि धार्मिक माहौल और श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए उस दिन कुर्बानी नहीं दी जाएगी।समुदाय के लोगों ने बताया कि यह कदम आपसी भाईचारे और शांति बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुर्बानी की रस्म रद्द नहीं की गई है, बल्कि एकादशी के बाद पूरी की जाएगी।स्थानीय स्तर पर इस फैसले की सराहना की जा रही है और इसे सामाजिक सद्भाव का सकारात्मक उदाहरण माना जा रहा है।






Post a Comment

Previous Post Next Post