वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के डालमिया छात्रावास में उस समय हड़कंप मच गया, जब मेस में परोसी गई सब्जी में छिपकली मिलने का मामला सामने आया। घटना के बाद छात्रों में आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में छात्रों ने भोजन का बहिष्कार करते हुए छात्रावास परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।छात्रों का आरोप है कि हॉस्टल मेस में लंबे समय से भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। उनका कहना है कि सब्जी में छिपकली मिलने के बाद कई छात्रों की तबीयत बिगड़ गई, जिसके चलते कुछ छात्रों को स्वास्थ्य परीक्षण के लिए अस्पताल और हेल्थ सेंटर भेजना पड़ा।घटना की सूचना मिलते ही प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम छात्रावास पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। इस दौरान छात्रों ने भोजन की गुणवत्ता के साथ-साथ हॉस्टल की अन्य मूलभूत समस्याओं को भी प्रशासन के सामने रखा।छात्रों का आरोप है कि छात्रावास में स्वच्छ पेयजल की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। इसके अलावा मेस और कैंटीन संचालन में भी गंभीर अनियमितताएं हैं।
छात्रों का कहना है कि मेस संचालक द्वारा ही कैंटीन का संचालन किया जा रहा है, जिससे गुणवत्ता नियंत्रण प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वेज और नॉन-वेज भोजन एक ही तेल में तैयार किया जाता है, बर्तनों की समुचित सफाई नहीं होती और छात्रावास के शौचालयों की नियमित सफाई भी नहीं कराई जाती।विरोध प्रदर्शन की सूचना पर छात्रावास के वार्डन राघव मिश्रा मौके पर पहुंचे और छात्रों से वार्ता की। उन्होंने कहा कि छात्रावास प्रशासन विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर गंभीर है तथा मामले में तत्काल कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने छात्रों को आश्वस्त किया कि यदि किसी छात्र को स्वास्थ्य संबंधी समस्या हुई है तो उसकी हर संभव सहायता की जाएगी। साथ ही भोजन तैयार करने में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।मामले की गंभीरता को देखते हुए डीन ऑफ स्टूडेंट्स भी छात्रावास पहुंचे और छात्रों की समस्याएं सुनीं।
उन्होंने प्रभावित छात्रों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और 2 से 3 छात्रों को जांच के लिए हेल्थ सेंटर भेजा गया। प्रशासन के आश्वासन के बाद छात्रों का विरोध शांत हुआ, हालांकि उन्होंने अपनी मांगों पर जल्द कार्रवाई न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।छात्रों ने प्रशासन के समक्ष चार प्रमुख मांगें रखीं, जिनमें मेस को तत्काल बंद कर उसकी जांच कराना, कैंटीन संचालन बंद करना, स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करना तथा वॉशरूम की नियमित और बेहतर सफाई कराना शामिल है।डालमिया छात्रावास के छात्र अमित गुर्जर ने बताया कि छात्र लंबे समय से भोजन और अन्य सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को उठा रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं होने के कारण छात्रों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


