नरेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि मंदिरों को सरकार के नियंत्रण से मुक्त किया जाना चाहिए। उन्होंने हिंदू समाज से आह्वान किया कि हर हिंदू परिवार कम से कम एक गाय अवश्य रखे, ताकि सनातन संस्कृति और गौसंरक्षण को मजबूती मिल सके।उन्होंने दावा किया कि दक्षिण भारत में सनातन धर्म को समाप्त करने की कोशिश करने वाली राजनीतिक शक्तियों को जनता ने सत्ता से बाहर कर दिया। उनके अनुसार, सनातन परंपरा और धार्मिक आस्था के खिलाफ जाने वाली विचारधाराओं को समाज स्वीकार नहीं करेगा।
नरेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि मंदिर केवल पूजा के केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और सामाजिक व्यवस्था के महत्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने मंदिरों के प्रबंधन में सरकारी हस्तक्षेप समाप्त करने की मांग करते हुए कहा कि धार्मिक संस्थाओं का संचालन श्रद्धालुओं और धार्मिक ट्रस्टों के हाथ में होना चाहिए।उन्होंने गौसंरक्षण को भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए कहा कि गाय पालन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था और प्राकृतिक कृषि को भी बढ़ावा मिलेगा।

