उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था और सुशासन को लेकर योगी सरकार की नीतियों पर चर्चा तेज हो गई है। पूर्व आईपीएस अधिकारी बद्री प्रसाद सिंह ने कहा कि राज्य में कानून का शासन मजबूत हुआ है और अपराध के प्रति सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति ने अपराधियों के मन में कानून का भय पैदा किया है। उन्होंने दावा किया कि महिलाओं के विरुद्ध अपराधों के मामलों में उत्तर प्रदेश की दोष सिद्धि (कन्विक्शन) दर 76.6 प्रतिशत है, जो देश में सबसे अधिक बताई जा रही है। उनके अनुसार पश्चिम बंगाल में यह दर 1.6 प्रतिशत और केरल में 17 प्रतिशत है।
उन्होंने अपने विचारों में महाभारत के शांतिपर्व का उल्लेख करते हुए कहा कि शासन व्यवस्था में दंड और कानून का महत्व सर्वोपरि होता है। उन्होंने भीष्म पितामह के राजधर्म संबंधी उपदेश का हवाला देते हुए कहा कि कानून ही समाज की रक्षा करता है और व्यवस्था बनाए रखता है।पूर्व आईपीएस अधिकारी के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की स्पष्ट नीति और अपराध के खिलाफ सख्त रुख ने राज्य में सुरक्षा की भावना को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि सरकार की रणनीति का उद्देश्य अपराधियों पर कार्रवाई और आम नागरिकों में विश्वास कायम करना है। हालांकि कानून व्यवस्था और अपराध संबंधी आंकड़ों को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों और विशेषज्ञों के अलग-अलग दृष्टिकोण भी सामने आते रहे हैं।


