काशी में इन दिनों स्वर्णकार समाज का एक अनोखा विरोध प्रदर्शन चर्चा का विषय बना हुआ है। जिला मुख्यालय पर पुश्तैनी सोने के कारोबार से जुड़े लोगों ने अपने व्यापार में आई मंदी और आर्थिक संकट को लेकर ‘झाल मुढ़ी’ बेचकर विरोध जताया।प्रदर्शन कर रहे स्वर्णकारों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एक वर्ष तक सोना और सोने के आभूषण न खरीदने की अपील का सीधा असर सर्राफा कारोबार पर पड़ रहा है। उनका आरोप है कि इस अपील के बाद बाजार में ग्राहकों की संख्या कम हो गई है, जिससे छोटे व्यापारियों, कारीगरों और सुनार परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
जिला मुख्यालय पर शुभम सेठ ने प्रतीकात्मक रूप से झाल मुढ़ी की दुकान लगाई। उन्होंने कहा कि वह सुनारी कार्य से जुड़े कारीगर और विक्रेता हैं, लेकिन व्यापार प्रभावित होने के कारण अब वैकल्पिक रोजगार तलाशने की नौबत आ गई है।शुभम सेठ ने कहा, “प्रधानमंत्री जी की अपील के बाद हमारे कारोबार पर गहरा असर पड़ा है। हमने विरोध जताने के लिए झाल मुढ़ी की दुकान लगाई है, क्योंकि यह आजकल ट्रेंड में भी है और प्रधानमंत्री जी को भी पसंद बताई जाती है।”प्रदर्शनकारियों ने सरकार से सर्राफा कारोबार और उससे जुड़े कारीगरों के हितों को ध्यान में रखते हुए राहत देने और रोजगार सुरक्षित रखने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।

