साल 2013 के एक चर्चित एसिड अटैक मामले में फरार चल रही आरोपी महिला को पुलिस ने आखिरकार मध्य प्रदेश के जबलपुर से बरामद कर लिया। बताया जा रहा है कि महिला काफी समय से पुलिस और परिवार दोनों की नजरों से दूर थी और गुपचुप तरीके से अपने दूसरे प्रेमी के साथ रह रही थी। लंबे समय से उसकी तलाश की जा रही थी, लेकिन उसके ठिकाने की कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही थी।मामले में उस समय नया मोड़ आया जब महिला की मां ने अपनी बेटी के अचानक लापता होने और उसके बारे में जानकारी नहीं मिलने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। मां ने अदालत में हेबियस कॉर्पस याचिका दायर कर बेटी को खोजने और अदालत के समक्ष पेश करने की मांग की। हेबियस कॉर्पस एक कानूनी प्रक्रिया है, जिसके तहत यदि किसी व्यक्ति के लापता होने या अवैध रूप से रोके जाने की आशंका हो तो अदालत संबंधित व्यक्ति को पेश करने का आदेश दे सकती है।
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी। पुलिस ने मोबाइल रिकॉर्ड, संपर्क सूत्रों और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से महिला के संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई। जांच के दौरान पता चला कि महिला जबलपुर में रह रही है। इसके बाद पुलिस टीम ने वहां पहुंचकर उसे खोज निकाला।प्रारंभिक जांच में सामने आया कि महिला अपने दूसरे प्रेमी के साथ रह रही थी और उसने अपनी पहचान तथा लोकेशन को गुप्त रखने की कोशिश की थी। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि फरारी के दौरान उसकी मदद किसने की और क्या मामले में अन्य लोग भी शामिल थे।महिला के बरामद होने के बाद पुलिस अब एसिड अटैक मामले से जुड़े पुराने रिकॉर्ड और अन्य पहलुओं की भी दोबारा जांच कर रही है। इस मामले ने एक बार फिर पुराने अपराध और कानूनी प्रक्रियाओं की भूमिका को चर्चा में ला दिया है।


