उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर स्थिति चिंताजनक होती दिखाई दे रही है। कई स्थानों पर पेट्रोल पंपों पर ईंधन खत्म होने की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर सीमावर्ती और पूर्वांचल के कुछ जिलों में यह समस्या अधिक देखने को मिल रही है।गोरखपुर के पेट्रोल पंप संचालकों के अनुसार, हाल के दिनों में ईंधन की मांग अचानक बढ़ गई है। हालांकि संचालक खुलकर कुछ कहने से बच रहे हैं, लेकिन दबी जुबान में यह माना जा रहा है कि नेपाल और बिहार में पेट्रोल-डीजल की कीमतों के अंतर का असर स्थानीय पंपों पर पड़ रहा है।
कीमतों में अंतर के कारण बड़ी संख्या में वाहन चालक अपने वाहनों की टंकियां पूरी तरह भरवा रहे हैं, जिससे सामान्य दिनों की तुलना में खपत काफी बढ़ गई है।बताया जा रहा है कि कुछ लोग एक बार में जरूरत से अधिक मात्रा में पेट्रोल और डीजल खरीदने की कोशिश कर रहे हैं। इससे पेट्रोल पंपों पर अतिरिक्त दबाव बन रहा है और उपलब्ध स्टॉक तेजी से खत्म हो रहा है। कई पंपों पर लोगों की लंबी कतारें भी देखी जा रही हैं।इस स्थिति का असर आम लोगों पर भी पड़ने लगा है। रोजाना काम पर जाने वाले लोग, व्यापारिक वाहन चालक और परिवहन सेवाओं से जुड़े लोग ईंधन की उपलब्धता को लेकर चिंता जता रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि उन्हें एक पेट्रोल पंप से दूसरे पेट्रोल पंप तक जाना पड़ रहा है।पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं प्रशासन और संबंधित विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि ईंधन की आपूर्ति प्रभावित न हो और लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।


