NEET परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के विरोध में NSUI के कार्यकर्ताओं और काशी विद्यापीठ के छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व NSUI के प्रदेश अध्यक्ष ऋषभ पांडेय ने किया।छात्रों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपते हुए परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।प्रदर्शन के दौरान ऋषभ पांडेय ने आरोप लगाया कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पिछले दो वर्षों से निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षाएं कराने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और अनियमितताओं के कारण लाखों छात्रों और उनके परिवारों का भविष्य संकट में पड़ गया है।
NSUI ने मांग की कि NTA को तत्काल प्रभाव से बैन किया जाए तथा पूरे मामले की जांच CBI से कराई जाए। छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि परीक्षा घोटालों के पीछे दलालों और प्रभावशाली राजनीतिक लोगों का गठजोड़ सक्रिय है, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ भी नाराजगी व्यक्त की गई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सरकार भ्रष्ट एजेंसियों पर लगाम लगाने में असफल साबित हुई है।
NSUI ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। संगठन ने कहा कि आने वाले दिनों में NEET अभ्यर्थियों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी, शिक्षा मंत्री का पुतला दहन किया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का घेराव भी किया जाएगा।छात्रों ने कहा कि यह केवल एक परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि उन गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के सपनों का सवाल है, जिनके बच्चे डॉक्टर बनकर देश और समाज की सेवा करना चाहते हैं।
ऋषभ पांडेय, प्रदेश अध्यक्ष, NSUI ने कहा कि “NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में लगातार हो रही धांधली और पेपर लीक ने छात्रों का भरोसा तोड़ दिया है। हम मांग करते हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच CBI से कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।”

