उत्तर प्रदेश में इन दिनों मौसम पूरी तरह दो रंगों में नजर आ रहा है। प्रदेश के कुछ हिस्सों में लोग भीषण गर्मी और लू से परेशान हैं, जबकि कई जिलों में तेज आंधी और बारिश ने अचानक मौसम बदल दिया है। रुहेलखंड से लेकर पूर्वांचल तक कई इलाकों में तेज हवाओं और बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन बुंदेलखंड और पश्चिमी यूपी अभी भी भीषण गर्मी की मार झेल रहे हैं।बांदा में मंगलवार को तापमान 47.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। आगरा में 45.3 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। दूसरी ओर मथुरा समेत कई जिलों में तेज हवाओं और बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 48 घंटों में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने वाला है, जिससे तेज हवाओं और बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इससे कई जिलों में तापमान 8 डिग्री तक नीचे आने की संभावना है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक यूपी में मौसम के इस बदलते स्वरूप के पीछे पांच बड़ी वजहें हैं। पहली वजह प्रदेश के ऊपर किसी सक्रिय मौसम तंत्र का न होना है। पश्चिमी विक्षोभ, प्रति चक्रवात या अन्य सिस्टम सक्रिय नहीं होने से आसमान साफ बना हुआ है और सूरज की किरणें सीधे धरती तक पहुंच रही हैं, जिससे तापमान तेजी से बढ़ रहा है।दूसरी बड़ी वजह राजस्थान की ओर से आने वाली गर्म और शुष्क पछुआ हवाएं हैं। ये हवाएं दक्षिणी यूपी और बुंदेलखंड क्षेत्र में गर्मी को और अधिक बढ़ा रही हैं। तीसरी वजह बंगाल की खाड़ी से आने वाली पुरवा हवाओं का कमजोर पड़ना है। पुरवा के कमजोर होने से हवा में नमी घट गई है। लखनऊ में आर्द्रता 14 फीसदी तक पहुंच गई, जिससे दिन में जमीन अधिक तेजी से गर्म होने लगी।चौथी वजह मध्य भारत के ऊपर बना चक्रीय सिस्टम बताया जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार यह सिस्टम ऊपर की गर्म हवा को नीचे की तरफ धकेल रहा है, जिससे तापमान लगातार बढ़ रहा है।
वहीं पांचवीं वजह जम्मू-कश्मीर के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और यूपी की भीषण गर्मी के बीच बने ट्रफ को माना जा रहा है। गर्म और ठंडी हवाओं के टकराव से मध्य यूपी और पूर्वांचल में आंधी और बारिश की स्थिति बनी।इस मौसमीय बदलाव का असर जनजीवन पर भी दिखा। प्रदेश के कई जिलों में आंधी-बारिश से हादसे हुए, जिनमें 10 लोगों की मौत हो गई। संतकबीरनगर और बस्ती में दो-दो लोगों की जान गई, जबकि सीतापुर, शाहजहांपुर, खीरी और गोंडा में भी अलग-अलग हादसे सामने आए। पेड़ गिरने, दीवार ढहने और छप्पर दबने जैसी घटनाओं से लोगों को नुकसान उठाना पड़ा।मौसम विभाग ने लोगों को तेज धूप के समय सावधानी बरतने और आंधी-बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।


