देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस (LPG) की कीमतों को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं। मंगलवार को केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि एक समय पर यह आकलन करना जरूरी होगा कि तेल विपणन कंपनियां आखिर कब तक पेट्रोल, डीजल और LPG को लागत से कम कीमत पर बेच सकती हैं।पुरी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद सरकारी तेल कंपनियां लंबे समय से उपभोक्ताओं को राहत देने की कोशिश कर रही हैं। लेकिन लगातार कम कीमत पर ईंधन बेचना कंपनियों के लिए आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।हालांकि उन्होंने पेट्रोल, डीजल या रसोई गैस की कीमतें बढ़ाने को लेकर कोई सीधा संकेत नहीं दिया, लेकिन उनके बयान के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि आने वाले समय में ईंधन के दामों में बदलाव हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो तेल कंपनियों पर दबाव और बढ़ सकता है।
पेट्रोलियम मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार आम जनता को राहत देने और तेल कंपनियों की आर्थिक स्थिति के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रही है। फिलहाल सरकार की प्राथमिकता उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ न डालने की है, लेकिन भविष्य में परिस्थितियों के अनुसार फैसला लिया जा सकता है।पुरी के इस बयान के बाद आम लोगों के बीच पेट्रोल-डीजल और LPG की कीमतों को लेकर चिंता बढ़ गई है, वहीं राजनीतिक गलियारों में भी इस मुद्दे पर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

