पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर छोटी पियरी स्थित बगीचे में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ से पूर्व राजा दरवाजा स्थित राम-जानकी मंदिर से भव्य कलश यात्रा निकाली गई। धार्मिक उत्साह और श्रद्धा से ओतप्रोत इस यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।बाजे-गाजे और भगवान के जयकारों के बीच निकली कलश यात्रा में लाल परिधान धारण किए महिलाएं सिर पर कलश लेकर चल रही थीं। यात्रा मंदिर परिसर से प्रारंभ होकर विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए कथा स्थल छोटी पियरी स्थित बगीचे पहुंची, जहां वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ इसका समापन हुआ।
यात्रा के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालु भगवान के भजन गाते हुए और जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। मार्ग में जगह-जगह लोगों ने कलश यात्रा का स्वागत किया और पुष्प वर्षा कर श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया।आयोजकों ने बताया कि पुरुषोत्तम मास को सनातन धर्म में अत्यंत पुण्यदायी और विशेष महत्व वाला माना जाता है। इस पावन माह में श्रीमद्भागवत कथा के आयोजन से समाज में सुख, शांति और समृद्धि का संचार होता है। उन्होंने कहा कि कथा श्रवण करने से व्यक्ति के कष्टों का निवारण होता है तथा परिवार में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का वाचन स्वामी प्रीतमानंद जी महाराज द्वारा किया जाएगा। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्ति, धर्म और जीवन मूल्यों का वर्णन किया जाएगा।इस अवसर पर विजय जायसवाल, शिव कुमार सहित बड़ी संख्या में पुरुष और महिला श्रद्धालु उपस्थित रहे।


