राणीसती दादी का हुआ भव्य हिम श्रृंगार, मानसून आगमन की हुई कामना

रामकटोरा स्थित प्राचीन राणीसती दादी धाम में श्रद्धा और उल्लास के साथ राणीसती दादी का भव्य हिम श्रृंगार किया गया। ज्येष्ठ माह की भीषण गर्मी के बीच आयोजित इस विशेष धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर दादी के दिव्य स्वरूप के दर्शन किए और सुख-समृद्धि, अच्छी वर्षा तथा उत्तम कृषि उपज की कामना की।हिम श्रृंगार के दौरान मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया। बर्फ और शीतल सजावट के बीच राणीसती दादी का अलौकिक स्वरूप श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना रहा। दर्शन के लिए शाम से ही भक्तों की लंबी कतारें लग गईं। श्रद्धालुओं ने दादी के चरणों में मत्था टेककर परिवार की खुशहाली और प्रदेश में अच्छी बारिश की प्रार्थना की।

इस अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना और आरती का आयोजन किया गया। धार्मिक अनुष्ठानों में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। मान्यता के अनुसार ज्येष्ठ माह में किए जाने वाले हिम श्रृंगार के माध्यम से मानसून के आगमन, भीषण गर्मी से राहत तथा बेहतर कृषि उत्पादन की कामना की जाती है।आयोजन के दौरान मुंबई से आए भजन गायक प्रमोद शर्मा एवं राणीसती श्याम भक्त मंडल के कलाकारों ने भक्ति गीतों की प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। देर रात तक चले भजन-कीर्तन में श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर नजर आए।ट्रस्टी संजय झुनझुनवाला ने बताया कि यह आयोजन वर्षों पुरानी परंपरा का हिस्सा है, जिसे श्रद्धा और उत्साह के साथ निभाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हिम श्रृंगार केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रकृति, मानसून और जनकल्याण की कामना का भी प्रतीक है।कार्यक्रम में समाज के अनेक गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।




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