काशी रेलवे स्टेशन को मॉडल स्टेशन के रूप में विकसित करने की योजना के तहत क्षेत्र में विकास कार्य तेज कर दिए गए हैं। इसी क्रम में रेलवे प्रशासन ने काशी स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार के पास स्थित मस्जिद गंज शहीदा को खाली करने के लिए नोटिस जारी किया है, जिससे क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है। जानकारी के अनुसार, हाल ही में रेलवे प्रशासन ने स्थानीय प्रशासन की सहायता से किलकोहना क्षेत्र में स्थित अजगैब शहीद अस्ताना, कब्रिस्तान, मस्जिद और हनुमान मंदिर को हटाने की कार्रवाई की थी। इसके बाद अब काशी स्टेशन के प्रथम प्रवेश द्वार के पास स्थित इस मस्जिद पर भी कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
रेलवे द्वारा चस्पा किए गए नोटिस में मस्जिद गंज शहीदा को 20 जून 2026 तक परिसर खाली करने का निर्देश दिया गया है। नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि यह निर्माण रेलवे भूमि पर स्थित है और काशी स्टेशन के विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न कर रहा है। नोटिस के अनुसार, यह मामला मूल वाद संख्या 1174/1991 (अंजुमन इंतेजामिया बनाम यूनियन ऑफ इंडिया) के तहत सिविल जज (जूनियर डिवीजन), वाराणसी की अदालत में लंबित था, जिसे 28 अगस्त 2024 को खारिज कर दिया गया था।
रेलवे प्रशासन ने अपने आदेश में संबंधित पक्ष से अनुरोध किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर स्वयं निर्माण हटाया जाए। चेतावनी दी गई है कि समय सीमा के बाद किसी भी दिन ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए एस.एम. यासीन ने कहा कि वे अपने अधिवक्ताओं के संपर्क में हैं और जल्द ही हाईकोर्ट में अपील दायर करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की नीतियों के तहत इस मस्जिद का पंजीकरण उम्मीद पोर्टल पर कराया गया है, जिससे दस्तावेजों की वैधता स्पष्ट होती हैं।


