उत्तर प्रदेश में शराब का सेवन करने वाले किशोरों और युवाओं की संख्या में पिछले चार वर्षों के दौरान करीब 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 (NFHS-6) के अनुसार राज्य में 18.5 प्रतिशत किशोर-युवा शराब का सेवन कर रहे हैं, जबकि NFHS-5 में यह आंकड़ा 14.5 प्रतिशत था।रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश के साथ बिहार और उत्तराखंड में भी युवाओं के बीच शराब पीने की प्रवृत्ति बढ़ी है।
ड्राई स्टेट होने के बावजूद बिहार में शराब पीने वाले किशोर-युवाओं का प्रतिशत 15.4 से बढ़कर 16.5 हो गया है। वहीं झारखंड में स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक है, जहां 33.6 प्रतिशत किशोर-युवा शराब का सेवन करते हैं।महिलाओं में भी शराब पीने का चलन बढ़ रहा है। हालांकि उत्तर प्रदेश में महिलाओं के बीच शराब सेवन की दर अभी 0.3 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत 1.1 प्रतिशत से काफी कम है।
दूसरी ओर झारखंड में करीब 6 प्रतिशत महिलाएं शराब का सेवन करती हैं, जो यूपी और बिहार की तुलना में कई गुना अधिक है।NFHS-6 सर्वे मई 2023 से दिसंबर 2024 के बीच दो चरणों में किया गया। इस दौरान देशभर के 6.79 लाख से अधिक परिवारों से जानकारी जुटाई गई। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि पिछले चार वर्षों में उत्तर प्रदेश के कई जिलों में शराब की बिक्री में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है, जिससे युवाओं में बढ़ती शराबखोरी को लेकर चिंता बढ़ गई है।


