भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में भरत भूषण तिवारी की पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। इस घटना को लेकर पहले से ही राजनीतिक हलचल तेज है, जहां विपक्ष के कई नेताओं, जिनमें तेजस्वी यादव भी शामिल हैं, ने मुठभेड़ को फर्जी करार दिया है।इसी बीच, इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर सर्वोच्च अदालत में जनहित याचिका दाखिल की गई है। अधिवक्ता विशाल तिवारी द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि यह एनकाउंटर संदिग्ध है और इसमें शामिल पुलिस अधिकारियों व कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपी जानी चाहिए।
याचिका में अदालत से यह भी अनुरोध किया गया है कि मामले की जांच स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से हो, ताकि कानून के शासन और नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके। साथ ही, जांच की निगरानी के लिए सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति गठित करने की मांग भी उठाई गई है।गौरतलब है कि इस मामले में बिहार सरकार, जिसकी अगुवाई सम्राट चौधरी कर रहे हैं, पहले ही न्यायिक जांच के आदेश दे चुकी है। इसके बावजूद, याचिकाकर्ता ने उच्चतम न्यायालय की निगरानी में सीबीआई जांच की जरूरत पर जोर दिया है।


