सड़क पर यातायात नियमों का उल्लंघन अब पहले से ज्यादा महंगा साबित होने वाला है। सरकार ने चालान माफी और उसके निस्तारण की प्रक्रिया में अहम बदलाव किए हैं। नए नियमों के तहत अब किसी भी वाहन मालिक को चालान में राहत पाने के लिए अदालत जाने से पहले जुर्माने की कम से कम 50 प्रतिशत राशि जमा करनी होगी।नए प्रावधान के अनुसार, यदि किसी वाहन पर 10 हजार रुपये का चालान है, तो उसे अदालत में अपील करने से पहले 5 हजार रुपये का भुगतान करना अनिवार्य होगा। इसके बाद ही वह मामले में राहत के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकेगा।
अब चालान के निपटारे के लिए समय-सीमा भी तय कर दी गई है। वाहन मालिक को चालान जारी होने के 45 दिनों के भीतर या तो पूरा जुर्माना भरना होगा या फिर उसे गलत मानते हुए संबंधित पोर्टल पर दस्तावेजों के साथ शिकायत दर्ज करनी होगी। यदि निर्धारित समय में कोई आपत्ति नहीं की जाती, तो इसे चालान की स्वीकृति माना जाएगा।अगर वाहन मालिक चालान को चुनौती देता है, तो यातायात पुलिस को 30 दिनों के भीतर उस शिकायत का निस्तारण करना होगा। चालान रद्द होने की स्थिति में इसकी जानकारी पोर्टल पर अपडेट की जाएगी। वहीं, शिकायत खारिज होने पर वाहन मालिक को 30 दिनों के भीतर जुर्माना भरना अनिवार्य होगा।
नई व्यवस्था के तहत अब पुलिस स्वतः चालान को अदालत नहीं भेजेगी। यदि वाहन मालिक पुलिस के फैसले से संतुष्ट नहीं है, तो उसे खुद न्यायालय में आवेदन करना होगा, लेकिन इसके लिए पहले चालान की आधी राशि जमा करनी जरूरी होगी।बताया जा रहा है कि यह बदलाव केंद्रीय मोटर यान नियमावली, 1989 के नियम 167 के अंतर्गत किया गया है। इस संशोधन के बाद चालान प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और समयबद्ध बनाने पर जोर दिया गया है।


