उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू स्थित गुरुद्वारे में निहंगों का डेरा डाले रहने से स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। जानकारी के अनुसार, हेमकुंड साहिब की यात्रा से लौटे कुछ निहंग श्रद्धालु शनिवार से गुरुद्वारे की ऊपरी मंजिल पर मौजूद हैं और अपने गिरफ्तार साथियों की रिहाई की मांग पर अड़े हुए हैं।बताया जा रहा है कि सोमवार सुबह तक पांच निहंग गुरुद्वारे की छत पर और दो अंदर मौजूद थे। गुरुद्वारा प्रबंधन का आरोप है कि निहंगों ने जबरन कब्जा करने की कोशिश की, गाली-गलौज की और तोड़फोड़ कर श्रद्धालुओं को असुविधा पहुंचाई। यह भी कहा गया कि छत पर मौजूद लोग नीचे पत्थर और सामान फेंक रहे हैं, जिससे नुकसान हुआ है और लंगर सेवा में लगे लोगों के साथ भी मारपीट की गई।
विवाद की जड़ 16 जून की वह घटना है, जब कर्णप्रयाग बाजार में वाहन खड़ा करने को लेकर निहंग श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच कहासुनी हो गई थी। आरोप है कि इसके बाद निहंगों ने तलवार से हमला कर प्रकाश रावत सहित चार लोगों को घायल कर दिया था। गंभीर रूप से घायल एक युवक को बाद में देहरादून रेफर किया गया।इस मामले में पुलिस ने चार निहंग युवकों—मंत्री सिंह, सतविंदर सिंह, जसनप्रीत सिंह और अजय सिंह—को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी पंजाब के मोहाली के निवासी बताए गए हैं और उनकी उम्र 20 से 23 वर्ष के बीच है।
इधर, गुरुद्वारे में डटे निहंग इन गिरफ्तार साथियों की रिहाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस और प्रशासन बिना बल प्रयोग के स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश में जुटे हैं। पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर ने निहंगों से बातचीत भी की, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका।प्रशासन के सामने एक बड़ी चुनौती उस व्यक्ति की सुरक्षित रिहाई भी है, जिसे निहंगों द्वारा बंधक बनाए जाने की बात सामने आई थी। हालांकि, बाद में एक व्यक्ति को छोड़ दिया गया, लेकिन हालात अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हो सके हैं।


