पश्चिम बंगाल में रेलवे परियोजनाओं को नई गति देने की दिशा में केंद्र और राज्य सरकार के बीच महत्वपूर्ण सहमति बनी है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को नवान्न में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक के बाद बंगाल के लिए कई बड़ी रेलवे परियोजनाओं की घोषणा की। संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में रेल मंत्री ने कहा कि दिल्ली से लखनऊ और पटना होते हुए सिलीगुड़ी तक प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पर तेजी से काम किया जाएगा। परियोजना पूरी होने के बाद दिल्ली से सिलीगुड़ी का सफर महज छह घंटे में पूरा किया जा सकेगा।उन्होंने बताया कि बंगाल में रेलवे के विकास के लिए करीब एक लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम किया जाएगा। साथ ही अगले पांच वर्षों में कोलकाता मेट्रो के लिए 60 नई अत्याधुनिक मेट्रो रेक उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और मजबूत होगी।
बैठक में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत राज्य के 102 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास और आधुनिकीकरण पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा रेलवे क्रॉसिंग पर जाम और दुर्घटनाओं को कम करने के लिए 538 नए फ्लाईओवर और अंडरपास निर्माण की योजना की जानकारी दी गई।मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि केंद्र और राज्य के बेहतर समन्वय से अब वर्षों से लंबित रेलवे परियोजनाओं को गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि राज्य की 61 रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है और इनके लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने में राज्य सरकार पूरा सहयोग करेगी।बैठक में विभिन्न रेलवे जोनों और कोलकाता मेट्रो के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। सूत्रों के अनुसार, 33 रेलवे ओवरब्रिज, तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने तथा अन्य आधारभूत ढांचा परियोजनाओं से जुड़ी बाधाओं को दूर करने पर भी सहमति बनी है।
रेल मंत्री ने विश्वास जताया कि आगामी वर्षों में बंगाल का रेलवे नेटवर्क और अधिक आधुनिक, सुरक्षित तथा तेज गति वाला बनेगा, जिससे राज्य के उद्योग, व्यापार और आम यात्रियों को व्यापक लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की 61 रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है और बंगाल में रेलवे के व्यापक विस्तार के लिए करीब एक लाख करोड़ रुपये के विकास कार्य किए जाएंगे। इन परियोजनाओं के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया भी जल्द शुरू हो सकती है।

