विश्वप्रसिद्ध शेफ, लेखक और फिल्म निर्माता विकास खन्ना इन दिनों अपनी काशी यात्रा को लेकर चर्चा में हैं। वाराणसी पहुंचने पर उन्होंने मां गंगा का विशेष पूजन किया, गंगा आरती में शामिल हुए और काशी की आध्यात्मिकता को करीब से महसूस किया। विकास खन्ना ने शहर के ऐतिहासिक तुलसी घाट पर पहुंचकर विधि-विधान से मां गंगा की पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने घाटों की सांस्कृतिक विरासत और सनातन परंपराओं का अवलोकन किया। शाम को उन्होंने विश्वप्रसिद्ध गंगा आरती में भाग लिया और उसकी भव्यता को अपने कैमरे में कैद किया।
काशी प्रवास के दौरान खन्ना ने बनारस के प्रसिद्ध व्यंजनों का स्वाद भी चखा। उन्होंने स्थानीय लोगों से मुलाकात कर शहर की संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली को नजदीक से जाना। अपनी यात्रा से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा किए, जिन्हें बड़ी संख्या में लोगों ने पसंद किया। सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक भावुक संदेश में विकास खन्ना ने लिखा, “काशी जैसा कोई शहर मेरी आत्मा को नहीं जगाता। यहां का हर सूर्योदय एक प्रार्थना जैसा लगता है, हर घाट एक सबक सिखाता है और हर पल यह एहसास कराता है कि कुछ जगहें केवल गंतव्य नहीं होतीं, बल्कि वे जागृति होती हैं।”
खान-पान की दुनिया में अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाने वाले विकास खन्ना फिल्म निर्माण और लेखन के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं। उनकी डॉक्यूमेंट्री ‘Kitchens of Gratitude’ का प्रदर्शन कान फिल्म महोत्सव के प्रतिष्ठित ‘मार्शे डू फिल्म’ सेक्शन में किया जा चुका है। वहीं, उनके निर्देशन में बनी पहली फीचर फिल्म ‘The Last Color’ बनारस की गलियों में रहने वाली महिलाओं के संघर्ष और सामाजिक चुनौतियों पर आधारित है। इस फिल्म को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है। काशी की आध्यात्मिक ऊर्जा और सांस्कृतिक समृद्धि से प्रभावित विकास खन्ना की यह यात्रा एक बार फिर दुनिया के सामने वाराणसी की विशेष पहचान को उजागर करती है।


