काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए जाने वाले दान की गिनती को लेकर उठ रहे सवालों के बीच मंडलायुक्त ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मंदिर में दान की गणना पूरी तरह पारदर्शी व्यवस्था के तहत की जाती है और इसमें किसी प्रकार की अनियमितता की कोई गुंजाइश नहीं है।
मंडलायुक्त ने बताया कि दान पेटियों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार खोला जाता है और गिनती के दौरान संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों की मौजूदगी सुनिश्चित की जाती है। पूरी प्रक्रिया की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भी की जाती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने कहा कि काशी विश्वनाथ धाम देश और दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में ट्रस्ट प्रशासन दान की गिनती और उसके उपयोग को लेकर पूरी जिम्मेदारी और जवाबदेही के साथ कार्य करता है।
प्रशासन का कहना है कि मंदिर में प्राप्त होने वाले दान का उपयोग श्रद्धालुओं की सुविधाओं, मंदिर के रखरखाव और विभिन्न विकास कार्यों में किया जाता है। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।


