होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा हालात बिगड़ने के बीच संयुक्त राष्ट्र की एक समुद्री एजेंसी ने ओमान तट के पास एक मालवाहक जहाज पर हमले की सूचना मिलने के बाद फंसे जहाजों की निकासी अस्थायी रूप से रोक दी है। एजेंसी का कहना है कि निकासी अभियान तभी दोबारा शुरू किया जाएगा, जब क्षेत्र में मौजूद जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित हो जाएगी।ब्रिटिश सेना ने सबसे पहले जहाज पर हमले की जानकारी साझा की थी। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के महासचिव आर्सेनियो डोमिनग्वेज ने स्पष्ट किया कि जिस जहाज को निशाना बनाया गया, वह निकासी सूची में शामिल नहीं था।
वहीं, अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार मालवाहक पोत 'ऐवर लवली' पर ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड के एक ड्रोन से हमला किया गया।इस घटना से कुछ समय पहले ईरान ने चेतावनी जारी करते हुए कहा था कि उसकी अनुमति के बिना होर्मुज जलडमरूमध्य के निर्धारित मार्गों का इस्तेमाल न किया जाए। हाल ही में जहाजों की आवाजाही नियंत्रित करने के लिए बनाई गई ईरान की 'पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी' ने भी कहा कि तय मार्गों से हटकर चलने वाले जहाजों की सुरक्षा की गारंटी नहीं दी जा सकती।
संयुक्त राष्ट्र समुद्री व्यापार परिचालन केंद्र के अनुसार हमले में जहाज को नुकसान पहुंचा है, हालांकि किसी के हताहत होने या पर्यावरणीय क्षति की सूचना नहीं मिली है। इससे पहले संयुक्त राष्ट्र की समुद्री एजेंसी द्वारा सुझाए गए नए मार्ग से तेल टैंकरों की आवाजाही जारी थी, लेकिन इसी मार्ग पर एक टैंकर को निशाना बनाए जाने के बाद सुरक्षा चिंताएं और बढ़ गई है
उधर, खाड़ी क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि अमेरिका इस नए समुद्री मार्ग के संचालन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। समुद्री विश्लेषण संस्था 'लॉयड्स लिस्ट इंटेलिजेंस' के अनुसार होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में हाल के दिनों में बढ़ोतरी हुई है। पिछले सप्ताह 125 जहाज इस मार्ग से गुजरे, जबकि उससे पहले के सप्ताह में यह संख्या केवल 33 थी। हालांकि, यह आवाजाही अब भी संघर्ष शुरू होने से पहले के स्तर से काफी कम बनी हुई है। वहीं, ईरान ने नए समुद्री मार्ग को अस्वीकार्य करार दिया है।



