श्रीराम मंदिर में दान एवं चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितताओं और गड़बड़ी के सामने आने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है। सामाजिक एवं धार्मिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने कहा है कि इस प्रकरण से करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी हुई है, इसलिए जांच पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ कराई जानी चाहिए।मामले में सरकार द्वारा विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन का स्वागत करते हुए लोगों ने कहा कि जांच प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक है कि पूरे प्रकरण में विधिक कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि अब तक मामले में एफआईआर दर्ज नहीं किए जाने से कई प्रकार के सवाल खड़े हो रहे हैं।
मांग करने वालों ने कहा कि जब तक पूरे मामले में प्राथमिकी दर्ज कर विधिवत जांच नहीं कराई जाएगी, तब तक जांच की निष्पक्षता को लेकर संदेह बना रह सकता है। उन्होंने सरकार और संबंधित अधिकारियों से तत्काल एफआईआर दर्ज कराने तथा मामले की गहन और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।सामाजिक एवं धार्मिक प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि जांच में कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।उन्होंने कहा कि देश के करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र श्रीराम मंदिर से जुड़े किसी भी मामले में सत्य का सामने आना अत्यंत आवश्यक है। इसलिए जांच प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए।


