अंबुबाची पर्व पर काशी में भी दिखी आस्था, मां के रजस्वला स्वरूप की मान्यता के चलते तीन दिनों के लिए बंद हुआ शक्तिपीठ मंदिर

 अंबुबाची पर्व पर काशी में भी दिखी आस्था, मां के रजस्वला स्वरूप की मान्यता के चलते तीन दिनों के लिए बंद हुआ शक्तिपीठ मंदिर

वाराणसी। असम स्थित Kamakhya Temple में शुरू हुए अंबुबाची महापर्व के साथ ही धर्मनगरी काशी में भी इस पर्व को लेकर विशेष धार्मिक मान्यताओं का पालन किया जा रहा है। अंबुबाची पर्व के अवसर पर वाराणसी के शक्तिपीठ स्वरूप मां भगवती के मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना का क्रम जारी है।


मान्यता के अनुसार इस अवधि में मां शक्ति रजस्वला होती हैं, इसलिए तीन दिनों तक मंदिर के गर्भगृह के कपाट बंद रखे जाते हैं। इसी परंपरा के तहत वाराणसी के प्रसिद्ध Lalita Gauri Temple सहित कई शक्ति मंदिरों में विशेष धार्मिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं। श्रद्धालु मंदिर परिसर में पहुंचकर मां का स्मरण कर रहे हैं, जबकि गर्भगृह में प्रवेश और नियमित दर्शन व्यवस्था तीन दिनों के लिए स्थगित रहती है।


धार्मिक विद्वानों के अनुसार अंबुबाची पर्व शक्ति, सृजन और प्रकृति के सम्मान का प्रतीक है। तीन दिन पूर्ण होने के बाद विशेष पूजन और शुद्धिकरण के साथ मंदिर के कपाट पुनः खोले जाएंगे तथा श्रद्धालु मां के दर्शन कर सकेंगे। काशी में भी इस पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में गहरी आस्था और उत्साह देखने को मिल रहा है



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