उत्तराखंड में बिजली उपभोक्ताओं को जल्द अतिरिक्त शुल्क का सामना करना पड़ सकता है। शहरी विकास विभाग ने बिजली बिलों पर दो प्रतिशत स्ट्रीट लाइट उपकर लगाने का प्रस्ताव ऊर्जा विभाग को भेजा है। यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो नगर निकायों में स्ट्रीट लाइटों के संचालन और बिजली खर्च का भार उपभोक्ताओं पर डाला जाएगा।
बताया जा रहा है कि ऊर्जा विभाग फिलहाल इस प्रस्ताव के वित्तीय और कानूनी पहलुओं का परीक्षण कर रहा है। साथ ही यह भी आकलन किया जा रहा है कि नए उपकर का आम उपभोक्ताओं पर कितना असर पड़ेगा। अंतिम निर्णय समीक्षा पूरी होने के बाद लिया जाएगा।
वर्तमान में भी बिजली उपभोक्ता बिजली बिल के साथ इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी, सेस, वाटर टैक्स और फ्यूल एंड पावर परचेज कॉस्ट एडजस्टमेंट जैसे कई शुल्क अदा करते हैं। ऐसे में प्रस्तावित दो प्रतिशत अतिरिक्त उपकर लागू होने पर उपभोक्ताओं का आर्थिक बोझ और बढ़ सकता है।
जानकारी के अनुसार, नगर निकायों की कमजोर वित्तीय स्थिति और राजस्व संग्रह में कमी को देखते हुए स्ट्रीट लाइट व्यवस्था के खर्च की भरपाई के लिए यह प्रस्ताव तैयार किया गया है। हालांकि, राज्य सरकार की ओर से अभी इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।



