वाराणसी में सावन मास के पहले सोमवार के अवसर पर हिमालय परिवार काशी प्रांत की ओर से बनारस रेलवे स्टेशन स्थित हनुमान मंदिर परिसर में कांवड़ यात्रियों और शिव भक्तों के लिए दूध और केले के प्रसाद का वितरण किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया और आयोजन की सराहना की।
इस अवसर पर हिमालय परिवार काशी प्रांत के उपाध्यक्ष बसंत सैनी ने सावन सोमवार के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सावन भगवान शिव को समर्पित सबसे पवित्र महीना माना जाता है। उन्होंने बताया कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए सावन के प्रत्येक सोमवार का व्रत रखा था। इसी मान्यता के चलते आज भी श्रद्धालु मनोकामना पूर्ति के लिए सावन सोमवार का व्रत रखते हैं।
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उन्होंने समुद्र मंथन की कथा का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान शिव द्वारा विषपान के बाद देवताओं ने उन्हें शीतल करने के लिए जल अर्पित किया था। तभी से सावन के सोमवार को जलाभिषेक का विशेष महत्व माना जाता है। श्रद्धालु शिवलिंग पर जल, कच्चा दूध, बेलपत्र और धतूरा अर्पित कर पूजा-अर्चना करते हैं तथा कांवड़ यात्रा के माध्यम से गंगाजल लाकर भगवान शिव का अभिषेक करते हैं।
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कार्यक्रम में बसंत सैनी, प्रियव्रत मिश्रा, पिंटू जायसवाल, लक्ष्मी अग्रहरि, नीलम, किरण, सुनीता और गोलू जायसवाल सहित हिमालय परिवार काशी प्रांत के कई पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने प्रसाद वितरण और सेवा कार्य में सक्रिय सहयोग दिया। अंत में श्रद्धालुओं ने "हर-हर महादेव" के जयघोष के साथ कार्यक्रम का समापन किया।
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