वाराणसी एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी को बड़ा विस्तार मिलने जा रहा है। अगले साल से सिंगापुर, मालदीव, बाली और विभिन्न खाड़ी देशों के लिए नई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए एविएशन सेक्टर और एयरपोर्ट प्रशासन ने अपनी योजनाओं पर काम शुरू कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि वर्ष 2027 तक वाराणसी एयरपोर्ट पूर्वी उत्तर प्रदेश का एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय एविएशन हब बन सकता है।
एयरपोर्ट विस्तार परियोजना के पूरा होने के बाद वाराणसी से कई नए अंतरराष्ट्रीय रूट शुरू किए जाएंगे। इससे न केवल यात्रियों को सीधी उड़ानों की सुविधा मिलेगी, बल्कि पर्यटन, व्यापार और निवेश को भी नई गति मिलेगी।फिलहाल वाराणसी एयरपोर्ट से केवल तीन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन हो रहा है, जिनमें बैंकॉक, शारजाह और नेपाल के लिए सेवाएं शामिल हैं।
नई उड़ानों के शुरू होने से पूर्वांचल के लाखों यात्रियों को दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े हवाई अड्डों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कुछ प्रमुख हिल स्टेशनों और लोकप्रिय पर्यटन स्थलों के लिए भी नई घरेलू उड़ानें शुरू करने की योजना बनाई जा रही है। एयरपोर्ट विस्तार और बढ़ती हवाई कनेक्टिविटी से धार्मिक पर्यटन, व्यापारिक गतिविधियों और अंतरराष्ट्रीय संपर्क को नया आयाम मिलने की उम्मीद है।


