फ्रांस में G7 का आगाज़, 16 महीने बाद हो सकती है मोदी-ट्रम्प की अहम बैठक

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोमवार को एवियन शहर में 52वें G7 शिखर सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन किया। तीन दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं और वैश्विक शक्तियों के नेता हिस्सा ले रहे हैं। सबसे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प सम्मेलन स्थल पहुंचे। इसके बाद जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्त्ज, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी समेत कई शीर्ष नेता पहुंचे।


सम्मेलन में अमेरिका-ईरान शांति समझौते, वैश्विक सुरक्षा, आर्थिक चुनौतियों, ऊर्जा संकट और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। विश्व नेताओं की मौजूदगी के चलते यह सम्मेलन वैश्विक कूटनीति का प्रमुख मंच बन गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी G7 समिट में शामिल होने के लिए स्लोवाकिया से फ्रांस रवाना हो गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक बुधवार को उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाकात हो सकती है। यदि यह बैठक होती है तो दोनों नेताओं के बीच करीब 16 महीने बाद आमने-सामने बातचीत होगी। मोदी और ट्रम्प की पिछली मुलाकात फरवरी 2025 में व्हाइट हाउस में हुई थी। माना जा रहा है कि दोनों नेता व्यापार, रणनीतिक साझेदारी और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा कर सकते हैं।

G7 में कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका सदस्य देश हैं, जबकि यूरोपीय संघ के प्रतिनिधि भी इसमें भाग लेते हैं। भारत इस समूह का सदस्य नहीं है, लेकिन अपनी बढ़ती आर्थिक ताकत और वैश्विक भूमिका के कारण उसे अक्सर विशेष आमंत्रित देश के रूप में बुलाया जाता है। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा में प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच रक्षा और व्यापार सहयोग को लेकर चर्चा हुई। मुलाकात के दौरान मोदी ने फिको को भारत आने का निमंत्रण भी दिया। स्लोवाकिया में उनका पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ स्वागत किया गया, जहां उन्हें ब्रेड और नमक भेंट किया गया।


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