फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोमवार को एवियन शहर में 52वें G7 शिखर सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन किया। तीन दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं और वैश्विक शक्तियों के नेता हिस्सा ले रहे हैं। सबसे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प सम्मेलन स्थल पहुंचे। इसके बाद जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्त्ज, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी समेत कई शीर्ष नेता पहुंचे।
G7 में कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका सदस्य देश हैं, जबकि यूरोपीय संघ के प्रतिनिधि भी इसमें भाग लेते हैं। भारत इस समूह का सदस्य नहीं है, लेकिन अपनी बढ़ती आर्थिक ताकत और वैश्विक भूमिका के कारण उसे अक्सर विशेष आमंत्रित देश के रूप में बुलाया जाता है। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा में प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच रक्षा और व्यापार सहयोग को लेकर चर्चा हुई। मुलाकात के दौरान मोदी ने फिको को भारत आने का निमंत्रण भी दिया। स्लोवाकिया में उनका पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ स्वागत किया गया, जहां उन्हें ब्रेड और नमक भेंट किया गया।


