प्रयागराज।जीआरपी ने ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्यों के खिलाफ दर्ज कथित हमले के मामले में जांच पूरी करते हुए फाइनल रिपोर्ट दाखिल कर दी है। पुलिस जांच में आरोपों की पुष्टि नहीं होने पर सभी आरोपियों को राहत मिली है।यह मामला 8 मार्च 2026 का है। आशुतोष ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया था कि रीवा एक्सप्रेस के एसी कोच में गाजियाबाद से प्रयागराज की यात्रा के दौरान एक अज्ञात व्यक्ति ने उन पर धारदार हथियार से हमला किया। उन्होंने दावा किया था कि इस कथित हमले के पीछे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्यों की साजिश थी।
जांच के दौरान जीआरपी को मामले में कई विसंगतियां मिलीं। पुलिस के अनुसार, आशुतोष ब्रह्मचारी की मेडिकल रिपोर्ट में किसी गंभीर या धारदार हथियार से लगी चोट की पुष्टि नहीं हुई। चिकित्सकों के पैनल ने भी गंभीर चोट के दावे को प्रमाणित नहीं किया।इसके अलावा, जांच में आशुतोष ब्रह्मचारी के बयानों में कई विरोधाभास सामने आए। घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच में भी कथित हमले का कोई स्पष्ट साक्ष्य नहीं मिला।
जीआरपी इंस्पेक्टर एके सिंह के मुताबिक, उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी। पर्याप्त प्रमाण न मिलने के कारण मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई है।हालांकि, पुलिस का कहना है कि आशुतोष ब्रह्मचारी को चोटें किस परिस्थिति में लगीं, यह अब तक स्पष्ट नहीं हो सका है।


