NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने और री-एग्जाम की अनिश्चितता के बीच छात्रों पर मानसिक दबाव बढ़ता जा रहा है। पिछले 48 घंटों में देशभर में NEET से जुड़े चार छात्रों की आत्महत्या के मामले सामने आए हैं। तमिलनाडु के कोयंबटूर में 19 वर्षीय छात्रा अनुकीर्तना ने कथित तौर पर जहर खाकर आत्महत्या कर ली। अपने अंतिम संदेश में उसने दोबारा परीक्षा के डर और परिवार पर पड़े आर्थिक बोझ का जिक्र किया था।
वहीं, गुजरात के अहमदाबाद में 17 वर्षीय एक छात्र ने छठी मंजिल से छलांग लगाकर जान दे दी। पुलिस के अनुसार, वह NEET की तैयारी कर रहा था। मामले की जांच जारी है। इससे पहले देहरादून और लखनऊ में भी दो NEET अभ्यर्थियों की आत्महत्या के मामले सामने आ चुके हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 12 मई को परीक्षा रद्द होने के बाद से अब तक करीब 12 छात्रों की मौत की खबरें सामने आई हैं।
NEET-UG 2026 परीक्षा में करीब 23 लाख छात्र शामिल हुए थे। पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों के बाद NTA ने परीक्षा रद्द कर दी थी और दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और काउंसलिंग पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।


