लखनऊ में एक कोचिंग संस्थान में हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की मौत के बाद पूरे प्रदेश में प्रशासन सतर्क हो गया है। इस घटना के बाद प्रयागराज, आगरा, मुरादाबाद और मेरठ जैसे बड़े शहरों में भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक स्तर पर कार्रवाई शुरू की जा रही है।मंगलवार से अग्निशमन विभाग द्वारा कोचिंग संस्थानों और डिजिटल लाइब्रेरी की विशेष जांच अभियान शुरू किया जाएगा, जो एक सप्ताह तक चलेगा। इस दौरान अग्नि सुरक्षा मानकों का बारीकी से निरीक्षण किया जाएगा, खासकर उन संस्थानों पर फोकस रहेगा जो संकरी गलियों में संचालित हो रहे हैं।मुख्य अग्निशमन अधिकारी चंद्र मोहन शर्मा के अनुसार, निरीक्षण के दौरान फायर एक्सटिंग्विशर की उपलब्धता, आपातकालीन निकास, प्रवेश और निकास द्वारों की चौड़ाई, विद्युत वायरिंग, भवन संरचना और आपदा के समय सुरक्षित निकासी व्यवस्था की जांच की जाएगी।
सभी प्रमुख कोचिंग संस्थानों का औचक निरीक्षण भी किया जाएगा।वहीं, प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने शहर के सभी कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा जांच कराने का निर्णय लिया है। पीडीए उपाध्यक्ष ऋषिराज ने अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कोचिंग संचालकों और भवन स्वामियों से संपर्क कर अग्नि सुरक्षा और अन्य मानकों के पालन को सुनिश्चित किया जाएगा। नियमों का पालन न करने पर भवनों को सील करने की चेतावनी भी दी गई है।इस अभियान के तहत अग्निशमन विभाग ने सभी अधिकारियों को सघन चेकिंग के निर्देश जारी किए हैं और आठ बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है। साथ ही, कोचिंग संचालकों और छात्रों को मॉक ड्रिल के जरिए आग से बचाव और प्राथमिक सुरक्षा प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
लखनऊ में हुए हादसे के बाद जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने शहर के विभिन्न भवनों की सुरक्षा जांच के लिए एडीएम सिटी सत्यम मिश्रा की अध्यक्षता में एक समिति गठित की है। यह समिति होटल, कोचिंग संस्थान, व्यावसायिक इमारतों और अन्य प्रमुख प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा करेगी और रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेगी।इसके अलावा, मुख्य अग्निशमन अधिकारी डॉ. राजीव कुमार पांडेय ने पांच टीमों का गठन किया है, जो विभिन्न क्षेत्रों में कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण करेंगी। जांच के दौरान आपातकालीन निकास, भवन क्षमता, छात्र संख्या, फायर एनओसी और बिना पंजीकरण संचालन जैसे पहलुओं की भी पड़ताल की जाएगी।


