आईआईटी बीएचयू में वरुणा नदी की बदहाल स्थिति पर मंथन, डाक्यूमेंट्री ने दिखाई जमीनी हकीकत

विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर आईआईटी बीएचयू के केमिकल इंजीनियरिंग विभाग में गंगा की सहायक नदी वरुणा की बिगड़ती पारिस्थितिकी और उसके गंगा पर पड़ रहे प्रभाव को लेकर महत्वपूर्ण परिचर्चा आयोजित की गई। कार्यक्रम का आयोजन काशी सिटीजन फोरम, आईआईटी (बीएचयू) और आञ्जनेय फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में हुआ।कार्यक्रम में फोटो जर्नलिस्ट अनिरुद्ध पांडेय की चर्चित डाक्यूमेंट्री "वरुणा बनी नाला, गंगा में कीड़े" का प्रदर्शन किया गया, जिसमें वरुणा नदी में बढ़ते प्रदूषण, सीवर के गिरते पानी, अतिक्रमण और गंगा पर पड़ रहे दुष्प्रभावों को प्रमुखता से दिखाया गया।

वक्ताओं ने कहा कि वरुणा नदी का प्रदूषण गंगा की स्वच्छता और अविरलता के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। आईआईटी (बीएचयू) के प्रोफेसर प्रदीप कुमार मिश्र ने नदी संरक्षण में जनभागीदारी और वैज्ञानिक दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल दिया।परिचर्चा में पर्यावरणविदों, शिक्षाविदों, शोधार्थियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया तथा गंगा-वरुणा को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों का संकल्प लिया।




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